खामोशी और सन्नाटा फ़रवरी 3, 2020 AV द्वारा, posted in Uncategorized ख़ामोशी ग़र गुनगुना उठे,नज़र नज़र शोर हो जाये। सन्नाटा कभी हद से गुज़रे,दर्दे दिल आम हो जाये ।। इसे शेयर करे: Share on X (नए विंडो में खुलता है) X Share on Facebook (नए विंडो में खुलता है) Facebook पसंद करें लोड हो रहा है...